OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Sydney

शनिवार, 4 सितंबर 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:10 am – 7:07 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:07 am – 8:05 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:05 am – 9:02 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:02 am – 9:59 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:59 am – 10:57 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा10:57 am – 11:54 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:54 am – 12:52 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:52 pm – 1:49 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:49 pm – 2:46 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:46 pm – 3:44 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:44 pm – 4:41 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:41 pm – 5:38 pm
रात की होरा

शनिवार, 4 सितंबर 2027 – रविवार, 5 सितंबर 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:38 pm – 6:41 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:41 pm – 7:43 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:43 pm – 8:46 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:46 pm – 9:48 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:48 pm – 10:51 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:51 pm – 11:53 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:53 pm – 12:56 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:56 am – 1:59 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:59 am – 3:01 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:01 am – 4:04 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:04 am – 5:06 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:06 am – 6:09 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित