OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Philadelphia

रविवार, 25 अप्रैल 2027

दिन की होरा
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार6:08 am – 7:17 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य7:17 am – 8:25 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा8:25 am – 9:33 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य9:33 am – 10:42 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित10:42 am – 11:50 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ11:50 am – 12:58 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:58 pm – 2:07 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार2:07 pm – 3:15 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य3:15 pm – 4:23 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा4:23 pm – 5:32 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य5:32 pm – 6:40 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:40 pm – 7:49 pm
रात की होरा

रविवार, 25 अप्रैल 2027 – सोमवार, 26 अप्रैल 2027

  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:49 pm – 8:40 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:40 pm – 9:32 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:32 pm – 10:23 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:23 pm – 11:15 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:15 pm – 12:06 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:06 am – 12:58 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:58 am – 1:49 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:49 am – 2:41 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:41 am – 3:32 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:32 am – 4:24 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:24 am – 5:15 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:15 am – 6:07 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित