OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Peshawar

बुधवार, 16 दिसंबर 2026

दिन की होरा
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:12 am – 8:01 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:01 am – 8:51 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:51 am – 9:40 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:40 am – 10:30 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:30 am – 11:19 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:19 am – 12:09 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:09 pm – 12:58 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:58 pm – 1:48 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:48 pm – 2:37 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:37 pm – 3:27 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:27 pm – 4:16 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:16 pm – 5:06 pm
रात की होरा

बुधवार, 16 दिसंबर 2026 – गुरुवार, 17 दिसंबर 2026

  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:06 pm – 6:16 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य6:16 pm – 7:27 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:27 pm – 8:37 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:37 pm – 9:48 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:48 pm – 10:58 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ10:58 pm – 12:09 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:09 am – 1:20 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:20 am – 2:30 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:30 am – 3:41 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:41 am – 4:51 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:51 am – 6:02 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:02 am – 7:12 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित