OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Peshawar

शनिवार, 19 जुलाई 2025

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:16 am – 6:26 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:26 am – 7:37 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:37 am – 8:47 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:47 am – 9:58 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:58 am – 11:09 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:09 am – 12:19 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:19 pm – 1:30 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:30 pm – 2:41 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:41 pm – 3:51 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:51 pm – 5:02 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:02 pm – 6:12 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य6:12 pm – 7:23 pm
रात की होरा

शनिवार, 19 जुलाई 2025 – रविवार, 20 जुलाई 2025

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:23 pm – 8:13 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:13 pm – 9:02 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:02 pm – 9:51 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:51 pm – 10:41 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:41 pm – 11:30 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:30 pm – 12:20 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:20 am – 1:09 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:09 am – 1:59 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:59 am – 2:48 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:48 am – 3:37 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:37 am – 4:27 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:27 am – 5:16 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित