OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · पटना

मंगलवार, 22 दिसंबर 2026

दिन की होरा
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित6:31 am – 7:24 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार7:24 am – 8:17 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य8:17 am – 9:09 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा9:09 am – 10:02 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य10:02 am – 10:55 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित10:55 am – 11:47 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ11:47 am – 12:40 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:40 pm – 1:33 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:33 pm – 2:26 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:26 pm – 3:18 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:18 pm – 4:11 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:11 pm – 5:04 pm
रात की होरा

मंगलवार, 22 दिसंबर 2026 – बुधवार, 23 दिसंबर 2026

  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:04 pm – 6:11 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:11 pm – 7:18 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:18 pm – 8:26 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:26 pm – 9:33 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:33 pm – 10:40 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा10:40 pm – 11:48 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:48 pm – 12:55 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:55 am – 2:02 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:02 am – 3:10 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:10 am – 4:17 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:17 am – 5:24 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य5:24 am – 6:32 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित