OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · नागपुर

शनिवार, 20 नवंबर 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:26 am – 7:22 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:22 am – 8:17 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:17 am – 9:12 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:12 am – 10:08 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:08 am – 11:03 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:03 am – 11:59 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:59 am – 12:54 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:54 pm – 1:49 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:49 pm – 2:45 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:45 pm – 3:40 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:40 pm – 4:35 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:35 pm – 5:31 pm
रात की होरा

शनिवार, 20 नवंबर 2027 – रविवार, 21 नवंबर 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:31 pm – 6:35 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:35 pm – 7:40 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:40 pm – 8:45 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:45 pm – 9:49 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:49 pm – 10:54 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:54 pm – 11:59 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:59 pm – 1:04 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:04 am – 2:08 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:08 am – 3:13 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:13 am – 4:18 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:18 am – 5:22 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:22 am – 6:27 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित