OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · नागपुर

शनिवार, 28 अगस्त 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:56 am – 6:59 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:59 am – 8:02 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:02 am – 9:05 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:05 am – 10:08 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:08 am – 11:11 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:11 am – 12:14 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:14 pm – 1:17 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:17 pm – 2:21 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:21 pm – 3:24 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:24 pm – 4:27 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:27 pm – 5:30 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य5:30 pm – 6:33 pm
रात की होरा

शनिवार, 28 अगस्त 2027 – रविवार, 29 अगस्त 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:33 pm – 7:30 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:30 pm – 8:27 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:27 pm – 9:24 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:24 pm – 10:21 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:21 pm – 11:18 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:18 pm – 12:14 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:14 am – 1:11 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:11 am – 2:08 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:08 am – 3:05 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:05 am – 4:02 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:02 am – 4:59 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:59 am – 5:56 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित