OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · मेरठ

सोमवार, 21 फ़रवरी 2028

दिन की होरा
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:53 am – 7:49 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:49 am – 8:46 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:46 am – 9:43 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:43 am – 10:39 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:39 am – 11:36 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:36 am – 12:33 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:33 pm – 1:29 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:29 pm – 2:26 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:26 pm – 3:22 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:22 pm – 4:19 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:19 pm – 5:16 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:16 pm – 6:12 pm
रात की होरा

सोमवार, 21 फ़रवरी 2028 – मंगलवार, 22 फ़रवरी 2028

  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य6:12 pm – 7:16 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:16 pm – 8:19 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:19 pm – 9:22 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:22 pm – 10:25 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ10:25 pm – 11:29 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित11:29 pm – 12:32 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार12:32 am – 1:35 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य1:35 am – 2:39 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा2:39 am – 3:42 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य3:42 am – 4:45 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित4:45 am – 5:48 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ5:48 am – 6:52 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित