OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · London

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027

दिन की होरा
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:07 am – 8:04 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:04 am – 9:01 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:01 am – 9:57 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा9:57 am – 10:54 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य10:54 am – 11:51 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित11:51 am – 12:48 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ12:48 pm – 1:45 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित1:45 pm – 2:42 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार2:42 pm – 3:39 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य3:39 pm – 4:36 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा4:36 pm – 5:32 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य5:32 pm – 6:29 pm
रात की होरा

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027 – बुधवार, 6 अक्टूबर 2027

  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:29 pm – 7:33 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:33 pm – 8:36 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:36 pm – 9:39 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:39 pm – 10:42 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:42 pm – 11:46 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:46 pm – 12:49 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:49 am – 1:52 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:52 am – 2:55 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:55 am – 3:59 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:59 am – 5:02 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:02 am – 6:05 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य6:05 am – 7:08 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित