OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Lahore

शनिवार, 5 दिसंबर 2026

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:47 am – 7:38 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:38 am – 8:29 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:29 am – 9:20 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:20 am – 10:11 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:11 am – 11:02 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:02 am – 11:53 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:53 am – 12:43 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:43 pm – 1:34 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:34 pm – 2:25 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:25 pm – 3:16 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:16 pm – 4:07 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:07 pm – 4:58 pm
रात की होरा

शनिवार, 5 दिसंबर 2026 – रविवार, 6 दिसंबर 2026

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा4:58 pm – 6:07 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:07 pm – 7:17 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:17 pm – 8:26 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:26 pm – 9:35 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:35 pm – 10:44 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:44 pm – 11:53 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:53 pm – 1:02 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:02 am – 2:11 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:11 am – 3:20 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:20 am – 4:29 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:29 am – 5:38 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:38 am – 6:47 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित