OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Khulna

शनिवार, 28 अगस्त 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:42 am – 6:46 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:46 am – 7:49 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:49 am – 8:52 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:52 am – 9:56 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:56 am – 10:59 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा10:59 am – 12:02 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:02 pm – 1:06 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:06 pm – 2:09 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:09 pm – 3:13 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:13 pm – 4:16 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:16 pm – 5:19 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य5:19 pm – 6:23 pm
रात की होरा

शनिवार, 28 अगस्त 2027 – रविवार, 29 अगस्त 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:23 pm – 7:19 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:19 pm – 8:16 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:16 pm – 9:13 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:13 pm – 10:09 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:09 pm – 11:06 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:06 pm – 12:03 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:03 am – 12:59 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:59 am – 1:56 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:56 am – 2:53 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:53 am – 3:49 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:49 am – 4:46 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:46 am – 5:43 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित