OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · कानपुर

शनिवार, 25 जनवरी 2025

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:56 am – 7:50 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:50 am – 8:44 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:44 am – 9:38 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:38 am – 10:32 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:32 am – 11:26 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:26 am – 12:21 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:21 pm – 1:15 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:15 pm – 2:09 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:09 pm – 3:03 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:03 pm – 3:57 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:57 pm – 4:51 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:51 pm – 5:45 pm
रात की होरा

शनिवार, 25 जनवरी 2025 – रविवार, 26 जनवरी 2025

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:45 pm – 6:51 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:51 pm – 7:57 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:57 pm – 9:03 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:03 pm – 10:09 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:09 pm – 11:15 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:15 pm – 12:20 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:20 am – 1:26 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:26 am – 2:32 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:32 am – 3:38 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:38 am – 4:44 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:44 am – 5:50 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:50 am – 6:55 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित