OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Howrah

मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

दिन की होरा
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:12 am – 6:16 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार6:16 am – 7:20 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य7:20 am – 8:23 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा8:23 am – 9:27 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य9:27 am – 10:31 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित10:31 am – 11:35 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ11:35 am – 12:39 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:39 pm – 1:43 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:43 pm – 2:47 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:47 pm – 3:51 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:51 pm – 4:55 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:55 pm – 5:59 pm
रात की होरा

मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 – बुधवार, 22 अप्रैल 2026

  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:59 pm – 6:55 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:55 pm – 7:51 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:51 pm – 8:47 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:47 pm – 9:43 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:43 pm – 10:39 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा10:39 pm – 11:35 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:35 pm – 12:31 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:31 am – 1:27 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:27 am – 2:23 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:23 am – 3:19 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:19 am – 4:15 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:15 am – 5:11 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित