OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Howrah

शनिवार, 8 फ़रवरी 2025

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:12 am – 7:09 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:09 am – 8:05 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित8:05 am – 9:02 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:02 am – 9:58 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:58 am – 10:54 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा10:54 am – 11:51 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:51 am – 12:47 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:47 pm – 1:43 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:43 pm – 2:40 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:40 pm – 3:36 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:36 pm – 4:33 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:33 pm – 5:29 pm
रात की होरा

शनिवार, 8 फ़रवरी 2025 – रविवार, 9 फ़रवरी 2025

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:29 pm – 6:33 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:33 pm – 7:36 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:36 pm – 8:40 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:40 pm – 9:43 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:43 pm – 10:47 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:47 pm – 11:50 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:50 pm – 12:54 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:54 am – 1:58 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:58 am – 3:01 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:01 am – 4:05 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:05 am – 5:08 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:08 am – 6:12 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित