OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Hamburg

सोमवार, 25 जनवरी 2027

दिन की होरा
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:16 am – 8:59 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:59 am – 9:42 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:42 am – 10:24 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:24 am – 11:07 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:07 am – 11:49 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:49 am – 12:32 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:32 pm – 1:15 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:15 pm – 1:57 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:57 pm – 2:40 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:40 pm – 3:23 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:23 pm – 4:05 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:05 pm – 4:48 pm
रात की होरा

सोमवार, 25 जनवरी 2027 – मंगलवार, 26 जनवरी 2027

  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:48 pm – 6:05 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:05 pm – 7:22 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:22 pm – 8:40 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:40 pm – 9:57 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:57 pm – 11:14 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित11:14 pm – 12:31 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार12:31 am – 1:49 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य1:49 am – 3:06 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:06 am – 4:23 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:23 am – 5:40 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:40 am – 6:58 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:58 am – 8:15 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित