OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · गुवाहाटी

बुधवार, 15 सितंबर 2027

दिन की होरा
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:08 am – 6:10 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:10 am – 7:11 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:11 am – 8:13 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:13 am – 9:15 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:15 am – 10:16 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:16 am – 11:18 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:18 am – 12:19 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:19 pm – 1:21 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:21 pm – 2:23 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:23 pm – 3:24 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:24 pm – 4:26 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:26 pm – 5:27 pm
रात की होरा

बुधवार, 15 सितंबर 2027 – गुरुवार, 16 सितंबर 2027

  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:27 pm – 6:26 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य6:26 pm – 7:24 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:24 pm – 8:23 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:23 pm – 9:21 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:21 pm – 10:20 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ10:20 pm – 11:18 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित11:18 pm – 12:16 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार12:16 am – 1:15 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य1:15 am – 2:13 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा2:13 am – 3:12 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य3:12 am – 4:10 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित4:10 am – 5:08 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित