OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · गुवाहाटी

शनिवार, 9 जनवरी 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:11 am – 7:04 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ7:04 am – 7:57 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:57 am – 8:50 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:50 am – 9:43 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य9:43 am – 10:37 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा10:37 am – 11:30 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य11:30 am – 12:23 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित12:23 pm – 1:16 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ1:16 pm – 2:09 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित2:09 pm – 3:02 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार3:02 pm – 3:55 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य3:55 pm – 4:48 pm
रात की होरा

शनिवार, 9 जनवरी 2027 – रविवार, 10 जनवरी 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा4:48 pm – 5:55 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य5:55 pm – 7:02 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:02 pm – 8:09 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:09 pm – 9:16 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:16 pm – 10:23 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:23 pm – 11:30 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:30 pm – 12:37 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:37 am – 1:44 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:44 am – 2:51 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:51 am – 3:58 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:58 am – 5:05 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:05 am – 6:12 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित