OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · चंडीगढ़

शनिवार, 31 जुलाई 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:39 am – 6:47 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:47 am – 7:56 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:56 am – 9:04 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार9:04 am – 10:12 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:12 am – 11:20 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:20 am – 12:29 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:29 pm – 1:37 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:37 pm – 2:45 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:45 pm – 3:53 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:53 pm – 5:02 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:02 pm – 6:10 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य6:10 pm – 7:18 pm
रात की होरा

शनिवार, 31 जुलाई 2027 – रविवार, 1 अगस्त 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:18 pm – 8:10 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:10 pm – 9:02 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:02 pm – 9:54 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:54 pm – 10:45 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:45 pm – 11:37 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:37 pm – 12:29 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:29 am – 1:21 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:21 am – 2:13 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:13 am – 3:04 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:04 am – 3:56 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:56 am – 4:48 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:48 am – 5:40 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित