OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · चंडीगढ़

सोमवार, 13 जनवरी 2025

दिन की होरा
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:21 am – 8:13 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:13 am – 9:04 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:04 am – 9:56 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:56 am – 10:48 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:48 am – 11:39 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:39 am – 12:31 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:31 pm – 1:23 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:23 pm – 2:15 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:15 pm – 3:06 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:06 pm – 3:58 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:58 pm – 4:50 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:50 pm – 5:42 pm
रात की होरा

सोमवार, 13 जनवरी 2025 – मंगलवार, 14 जनवरी 2025

  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य5:42 pm – 6:50 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:50 pm – 7:58 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:58 pm – 9:06 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:06 pm – 10:15 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ10:15 pm – 11:23 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित11:23 pm – 12:31 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार12:31 am – 1:39 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य1:39 am – 2:48 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा2:48 am – 3:56 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य3:56 am – 5:04 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:04 am – 6:12 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:12 am – 7:21 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित