OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Brooklyn

बुधवार, 10 दिसंबर 2025

दिन की होरा
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:08 am – 7:55 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:55 am – 8:42 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:42 am – 9:28 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:28 am – 10:15 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:15 am – 11:02 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:02 am – 11:48 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य11:48 am – 12:35 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा12:35 pm – 1:21 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य1:21 pm – 2:08 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित2:08 pm – 2:55 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:55 pm – 3:41 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:41 pm – 4:28 pm
रात की होरा

बुधवार, 10 दिसंबर 2025 – गुरुवार, 11 दिसंबर 2025

  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:28 pm – 5:41 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य5:41 pm – 6:55 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:55 pm – 8:08 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:08 pm – 9:22 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:22 pm – 10:35 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ10:35 pm – 11:49 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित11:49 pm – 1:02 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:02 am – 2:15 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:15 am – 3:29 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:29 am – 4:42 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:42 am – 5:56 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:56 am – 7:09 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित