OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · Bekasi

शनिवार, 1 फ़रवरी 2025

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:54 am – 6:56 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ6:56 am – 7:58 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित7:58 am – 8:59 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार8:59 am – 10:01 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:01 am – 11:03 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:03 am – 12:05 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:05 pm – 1:07 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:07 pm – 2:09 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:09 pm – 3:11 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:11 pm – 4:13 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:13 pm – 5:14 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य5:14 pm – 6:16 pm
रात की होरा

शनिवार, 1 फ़रवरी 2025 – रविवार, 2 फ़रवरी 2025

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:16 pm – 7:14 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:14 pm – 8:13 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:13 pm – 9:11 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:11 pm – 10:09 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:09 pm – 11:07 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:07 pm – 12:05 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:05 am – 1:03 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:03 am – 2:01 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:01 am – 3:00 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:00 am – 3:58 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ3:58 am – 4:56 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित4:56 am – 5:54 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित