OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · औरंगाबाद

बुधवार, 17 फ़रवरी 2027

दिन की होरा
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:56 am – 7:54 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:54 am – 8:52 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:52 am – 9:49 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:49 am – 10:47 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:47 am – 11:45 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:45 am – 12:42 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:42 pm – 1:40 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:40 pm – 2:38 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:38 pm – 3:35 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:35 pm – 4:33 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:33 pm – 5:30 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:30 pm – 6:28 pm
रात की होरा

बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 – गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027

  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार6:28 pm – 7:30 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य7:30 pm – 8:33 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा8:33 pm – 9:35 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य9:35 pm – 10:37 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित10:37 pm – 11:40 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ11:40 pm – 12:42 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:42 am – 1:44 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:44 am – 2:47 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:47 am – 3:49 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:49 am – 4:51 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:51 am – 5:53 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:53 am – 6:56 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित