OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · अमृतसर

शनिवार, 9 जनवरी 2027

दिन की होरा
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित7:31 am – 8:22 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ8:22 am – 9:13 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित9:13 am – 10:04 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार10:04 am – 10:55 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य10:55 am – 11:46 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा11:46 am – 12:37 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य12:37 pm – 1:28 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित1:28 pm – 2:19 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ2:19 pm – 3:10 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित3:10 pm – 4:01 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार4:01 pm – 4:52 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य4:52 pm – 5:43 pm
रात की होरा

शनिवार, 9 जनवरी 2027 – रविवार, 10 जनवरी 2027

  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा5:43 pm – 6:52 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य6:52 pm – 8:01 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:01 pm – 9:10 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:10 pm – 10:19 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:19 pm – 11:28 pm
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:28 pm – 12:37 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:37 am – 1:46 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:46 am – 2:55 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:55 am – 4:04 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित4:04 am – 5:13 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ5:13 am – 6:22 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित6:22 am – 7:31 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित