OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · अहमदाबाद

बुधवार, 22 दिसंबर 2027

दिन की होरा
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा7:16 am – 8:10 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य8:10 am – 9:03 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित9:03 am – 9:57 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:57 am – 10:50 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:50 am – 11:44 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:44 am – 12:38 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:38 pm – 1:31 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:31 pm – 2:25 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:25 pm – 3:18 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:18 pm – 4:12 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:12 pm – 5:06 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:06 pm – 5:59 pm
रात की होरा

बुधवार, 22 दिसंबर 2027 – गुरुवार, 23 दिसंबर 2027

  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार5:59 pm – 7:06 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य7:06 pm – 8:12 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा8:12 pm – 9:18 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य9:18 pm – 10:25 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित10:25 pm – 11:31 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ11:31 pm – 12:38 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:38 am – 1:44 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:44 am – 2:51 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:51 am – 3:57 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:57 am – 5:04 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य5:04 am – 6:10 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित6:10 am – 7:16 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित