OmniPanchang

होरा (ग्रह होरा) · अहमदाबाद

बुधवार, 16 अप्रैल 2025

दिन की होरा
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा6:18 am – 7:21 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य7:21 am – 8:25 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित8:25 am – 9:29 am
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ9:29 am – 10:32 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित10:32 am – 11:36 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार11:36 am – 12:39 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य12:39 pm – 1:43 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा1:43 pm – 2:46 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य2:46 pm – 3:50 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित3:50 pm – 4:53 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ4:53 pm – 5:57 pm
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित5:57 pm – 7:00 pm
रात की होरा

बुधवार, 16 अप्रैल 2025 – गुरुवार, 17 अप्रैल 2025

  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार7:00 pm – 7:57 pm
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य7:57 pm – 8:53 pm
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा8:53 pm – 9:50 pm
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य9:50 pm – 10:46 pm
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित10:46 pm – 11:42 pm
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ11:42 pm – 12:39 am
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित12:39 am – 1:35 am
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार1:35 am – 2:32 am
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य2:32 am – 3:28 am
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा3:28 am – 4:24 am
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य4:24 am – 5:21 am
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित5:21 am – 6:17 am
संकेत
  • सूर्यअधिकार, सरकारी कार्य तथा बड़ों से व्यवहार
  • चन्द्रयात्रा, जल, भावनात्मक तथा घरेलू कार्य
  • मंगलविवाद तथा उग्रता — नए कार्य के लिए वर्जित
  • बुधअध्ययन, व्यापार, संवाद तथा लेखा-जोखा
  • गुरुशिक्षा, धन, शुभ आरंभ — सर्वाधिक श्रेष्ठ
  • शुक्रकला, संगीत, विवाह, सुख तथा सौंदर्य
  • शनिश्रम, मरम्मत, नित्य कार्य — नए उपक्रम वर्जित