विजया एकादशी · 2027
तिथि: गुरुवार, 4 मार्च 2027
Krishna Ekadashi of Phalguna, observed for victory (vijaya); Rama is said to have kept it before crossing to Lanka.
Howrah के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: Howrah में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: விஜயா ஏகாதசி (तमिल) · విజయ ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- माघ · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- फाल्गुन · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 20 Maasi 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 19 Falgun 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 20 Phalguna 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 20 Kumbham 1202 (कोल्लम संवत)
Howrah के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
विजया एकादशी 2027
Vishnu
- गुरुवार, 4 मार्च 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: बुध, 3 मार्च, 4:44 am – गुरु, 4 मार्च, 7:24 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): शुक्र, 5 मार्च, 5:55–8:16 am ISTद्वादशी (9:54 am तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- विजया एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Phalguna, observed for victory (vijaya); Rama is said to have kept it before crossing to Lanka.
- विजया एकादशी 2027 कब है?
- विजया एकादशी गुरुवार, 4 मार्च 2027 को है।