विजया एकादशी · 2024
तिथि: बुधवार, 6 मार्च 2024
Krishna Ekadashi of Phalguna, observed for victory (vijaya); Rama is said to have kept it before crossing to Lanka.
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: पटना में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: விஜயா ஏகாதசி (तमिल) · విజయ ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- माघ · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- फाल्गुन · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 23 Maasi 2054 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 22 Falgun 1430 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 23 Phalguna 1431 (विलायती संवत)
- मलयालम: 22 Kumbham 1199 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
विजया एकादशी 2024
Vishnu
- बुधवार, 6 मार्च 2024दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: बुध, 6 मार्च, 6:31 am – गुरु, 7 मार्च, 4:14 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): गुरु, 7 मार्च, 1:11–3:32 pm ISTहरि वासर 9:30 am तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।गौण एकादशी (वैकल्पिक): गुरुवार, 7 मार्च 2024गृहस्थ (स्मार्त) पहले दिन व्रत रखते हैं। वैकल्पिक दिन संन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष की इच्छा रखने वालों के लिए है, और यही वैष्णव व्रत का दिन भी है।पारण (व्रत खोलने का समय): शुक्र, 8 मार्च, 6:05–8:27 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- विजया एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Phalguna, observed for victory (vijaya); Rama is said to have kept it before crossing to Lanka.
- विजया एकादशी 2024 कब है?
- विजया एकादशी बुधवार, 6 मार्च 2024 को है।