वसंत पंचमी · 2025
तिथि: सोमवार, 3 फ़रवरी 2025
माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला वसंत के आगमन का पर्व। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा होती है, पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं और बच्चों का विद्यारंभ संस्कार किया जाता है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- सरस्वती पूजा
- विद्यारंभ
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: সরস্বতী পূজা (बंगाली) · வசந்த பஞ்சமி (तमिल) · వసంత పంచమి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- माघ · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- माघ · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 21 Thai 2055 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 20 Magh 1431 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 21 Magha 1432 (विलायती संवत)
- मलयालम: 21 Makaram 1200 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
वसंत पंचमी 2025
Saraswati
- सोमवार, 3 फ़रवरी 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: रवि, 2 फ़र॰, 9:14 am – सोम, 3 फ़र॰, 6:53 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वसंत पंचमी क्या है?
- माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला वसंत के आगमन का पर्व। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा होती है, पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं और बच्चों का विद्यारंभ संस्कार किया जाता है।
- वसंत पंचमी 2025 कब है?
- वसंत पंचमी सोमवार, 3 फ़रवरी 2025 को है।