वरूथिनी एकादशी · 2027
तिथि: रविवार, 2 मई 2027
Krishna Ekadashi of Vaishakha, observed for protection (varutha) and good fortune.
मेरठ के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: मेरठ में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: வரூதினி ஏகாதசி (तमिल) · వరూథిని ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- चैत्र · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- वैशाख · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 19 Chithirai 2058 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 18 Boishakh 1434 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 19 Baisakha 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 18 Medam 1202 (कोल्लम संवत)
मेरठ के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
वरूथिनी एकादशी 2027
Vishnu
- रविवार, 2 मई 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शनि, 1 मई, 6:54 pm – रवि, 2 मई, 7:52 pm ISTपारण (व्रत खोलने का समय): सोम, 3 मई, 5:36–8:16 am ISTद्वादशी (8:04 pm तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वरूथिनी एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Vaishakha, observed for protection (varutha) and good fortune.
- वरूथिनी एकादशी 2027 कब है?
- वरूथिनी एकादशी रविवार, 2 मई 2027 को है।