वैकुंठ एकादशी · 2028
तिथि: शनिवार, 8 जनवरी 2028
एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली वैकुंठ एकादशी — धनुर्मास की शुक्ल एकादशी को आती है, जब भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, ऐसी मान्यता है। भक्त उपवास और जागरण करते हैं तथा श्रीरंगम और तिरुमला जैसे मंदिरों में वैकुंठ द्वार से दर्शन करते हैं।
Fort Worth के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
वैष्णव नियम: Fort Worth में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत; ऐसा कोई दिन न हो तो अगले दिन।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
- वैकुंठ द्वार दर्शन
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: வைகுண்ட ஏகாதசி (तमिल) · వైకుంఠ ఏకాదశి (तेलुगू)
शनिवार, 8 जनवरी 2028
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- पौष · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- पौष · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 24 मार्गऴि 2058 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 23 पौष 1434 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 24 पौष 1435 (विलायती संवत)
- मलयालम: 24 धनु 1203 (कोल्लम संवत)
बुधवार, 27 दिसंबर 2028
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- पौष · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- पौष · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 13 मार्गऴि 2059 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 12 पौष 1435 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 13 पौष 1436 (विलायती संवत)
- मलयालम: 13 धनु 1204 (कोल्लम संवत)
Fort Worth के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
वैकुंठ एकादशी 2028
Vishnu
- शनिवार, 8 जनवरी 2028दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शुक्र, 7 जन॰, 9:00 am – शनि, 8 जन॰, 8:06 am CSTपारण (व्रत खोलने का समय): रवि, 9 जन॰, 7:32–9:33 am CSTद्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है, इसलिए प्रातःकाल में पारण करें।स्मार्त एकादशी: शुक्रवार, 7 जनवरी 2028स्मार्त गृहस्थ इस दिन व्रत रखते हैं।पारण (व्रत खोलने का समय): शनि, 8 जन॰, 1:41–3:38 pm CST
- बुधवार, 27 दिसंबर 2028दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: मंगल, 26 दिस॰, 9:26 am – बुध, 27 दिस॰, 10:57 am CSTपारण (व्रत खोलने का समय): गुरु, 28 दिस॰, 7:30–9:30 am CSTद्वादशी (11:51 am तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वैकुंठ एकादशी क्या है?
- एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली वैकुंठ एकादशी — धनुर्मास की शुक्ल एकादशी को आती है, जब भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, ऐसी मान्यता है। भक्त उपवास और जागरण करते हैं तथा श्रीरंगम और तिरुमला जैसे मंदिरों में वैकुंठ द्वार से दर्शन करते हैं।
- वैकुंठ एकादशी 2028 कब है?
- वैकुंठ एकादशी शनिवार, 8 जनवरी 2028 को है।