वैकुंठ एकादशी · 2026
तिथि: रविवार, 20 दिसंबर 2026
एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली वैकुंठ एकादशी — धनुर्मास की शुक्ल एकादशी को आती है, जब भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, ऐसी मान्यता है। भक्त उपवास और जागरण करते हैं तथा श्रीरंगम और तिरुमला जैसे मंदिरों में वैकुंठ द्वार से दर्शन करते हैं।
Teni के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
वैष्णव नियम: Teni में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत; ऐसा कोई दिन न हो तो अगले दिन।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
- वैकुंठ द्वार दर्शन
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: வைகுண்ட ஏகாதசி (तमिल) · వైకుంఠ ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 5 Margazhi 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 4 Poush 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 5 Pausha 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 5 Dhanu 1202 (कोल्लम संवत)
Teni के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
वैकुंठ एकादशी 2026
Vishnu
- रविवार, 20 दिसंबर 2026दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शनि, 19 दिस॰, 10:09 pm – रवि, 20 दिस॰, 8:15 pm ISTपारण (व्रत खोलने का समय): सोम, 21 दिस॰, 6:31–8:50 am ISTद्वादशी (5:36 pm तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वैकुंठ एकादशी क्या है?
- एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली वैकुंठ एकादशी — धनुर्मास की शुक्ल एकादशी को आती है, जब भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, ऐसी मान्यता है। भक्त उपवास और जागरण करते हैं तथा श्रीरंगम और तिरुमला जैसे मंदिरों में वैकुंठ द्वार से दर्शन करते हैं।
- वैकुंठ एकादशी 2026 कब है?
- वैकुंठ एकादशी रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है।