वैकुंठ एकादशी · 2025
तिथि: शुक्रवार, 10 जनवरी 2025
एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली वैकुंठ एकादशी — धनुर्मास की शुक्ल एकादशी को आती है, जब भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, ऐसी मान्यता है। भक्त उपवास और जागरण करते हैं तथा श्रीरंगम और तिरुमला जैसे मंदिरों में वैकुंठ द्वार से दर्शन करते हैं।
श्रीनगर के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
वैष्णव नियम: श्रीनगर में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत; ऐसा कोई दिन न हो तो अगले दिन।
वैकुंठ एकादशी 2025
Vishnu
- शुक्रवार, 10 जनवरी 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 9 जन॰, 12:23 pm – शुक्र, 10 जन॰, 10:20 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): शनि, 11 जन॰, 7:36–8:22 am ISTद्वादशी (8:22 am तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
- बुधवार, 31 दिसंबर 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: मंगल, 30 दिस॰, 7:51 am – बुध, 31 दिस॰, 5:01 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): गुरु, 1 जन॰, 7:36–9:35 am ISTद्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है, इसलिए प्रातःकाल में पारण करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वैकुंठ एकादशी क्या है?
- एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली वैकुंठ एकादशी — धनुर्मास की शुक्ल एकादशी को आती है, जब भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, ऐसी मान्यता है। भक्त उपवास और जागरण करते हैं तथा श्रीरंगम और तिरुमला जैसे मंदिरों में वैकुंठ द्वार से दर्शन करते हैं।
- वैकुंठ एकादशी 2025 कब है?
- वैकुंठ एकादशी शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 को है।