उत्पन्ना एकादशी · 2028
तिथि: रविवार, 12 नवंबर 2028
Krishna Ekadashi of Margashirsha, honouring the birth (utpatti) of Devi Ekadashi from Vishnu; traditionally the day the Ekadashi vow is begun.
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: पटना में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: உத்பன்ன ஏகாதசி (तमिल) · ఉత్పన్న ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- कार्तिक · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- मार्गशीर्ष · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 27 ऐप्पसि 2059 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 26 कार्तिक 1435 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 27 कार्तिक 1436 (विलायती संवत)
- मलयालम: 27 तुलाम 1204 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
उत्पन्ना एकादशी 2028
Vishnu
- रविवार, 12 नवंबर 2028दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: रवि, 12 नव॰, 9:31 am – सोम, 13 नव॰, 6:42 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): सोम, 13 नव॰, 12:39–2:50 pm ISTहरि वासर 11:57 am तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।गौण एकादशी (वैकल्पिक): सोमवार, 13 नवंबर 2028गृहस्थ (स्मार्त) पहले दिन व्रत रखते हैं। वैकल्पिक दिन संन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष की इच्छा रखने वालों के लिए है, और यही वैष्णव व्रत का दिन भी है।पारण (व्रत खोलने का समय): मंगल, 14 नव॰, 6:06–8:17 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- उत्पन्ना एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Margashirsha, honouring the birth (utpatti) of Devi Ekadashi from Vishnu; traditionally the day the Ekadashi vow is begun.
- उत्पन्ना एकादशी 2028 कब है?
- उत्पन्ना एकादशी रविवार, 12 नवंबर 2028 को है।