उत्पन्ना एकादशी · 2026
तिथि: शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026
Krishna Ekadashi of Margashirsha, honouring the birth (utpatti) of Devi Ekadashi from Vishnu; traditionally the day the Ekadashi vow is begun.
मेरठ के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: मेरठ में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: உத்பன்ன ஏகாதசி (तमिल) · ఉత్పన్న ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- कार्तिक · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- मार्गशीर्ष · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 18 Karthigai 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 18 Ogrohayon 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 19 Margashira 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 18 Vrischikam 1202 (कोल्लम संवत)
मेरठ के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
उत्पन्ना एकादशी 2026
Vishnu
- शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 3 दिस॰, 11:04 pm – शुक्र, 4 दिस॰, 11:45 pm ISTपारण (व्रत खोलने का समय): शनि, 5 दिस॰, 6:58–9:02 am ISTद्वादशी (रवि, 6 दिस॰, 12:52 am तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- उत्पन्ना एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Margashirsha, honouring the birth (utpatti) of Devi Ekadashi from Vishnu; traditionally the day the Ekadashi vow is begun.
- उत्पन्ना एकादशी 2026 कब है?
- उत्पन्ना एकादशी शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को है।