उगादि · 2026
तिथि: गुरुवार, 19 मार्च 2026
तेलुगु और कन्नड़ पंचांग का नववर्ष, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नए संवत्सर के आरंभ पर मनाया जाता है। इस दिन छह रसों से बनी उगादि पच्चड़ि ग्रहण की जाती है और नए वर्ष के पंचांग का श्रवण किया जाता है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- पंचांग श्रवण
- उगादी पचड़ी
- नीम खाना
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: ఉగాది (तेलुगू) · ಯುಗಾದಿ (कन्नड़) · गुढीपाडवा (मराठी) · யுகாதி (तमिल)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- चैत्र · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- चैत्र · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 5 पंगुनि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 4 चैत्र 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 5 चैत्र 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 5 मीनम 1201 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
उगादि 2026
Brahma
- गुरुवार, 19 मार्च 2026दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 19 मार्च, 6:53 am – शुक्र, 20 मार्च, 4:52 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- उगादि क्या है?
- तेलुगु और कन्नड़ पंचांग का नववर्ष, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नए संवत्सर के आरंभ पर मनाया जाता है। इस दिन छह रसों से बनी उगादि पच्चड़ि ग्रहण की जाती है और नए वर्ष के पंचांग का श्रवण किया जाता है।
- उगादि 2026 कब है?
- उगादि गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है।