शरद पूर्णिमा · 2028
तिथि: सोमवार, 2 अक्टूबर 2028
आश्विन मास की पूर्णिमा, जिस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत बरसाता है, ऐसी मान्यता है। इस रात खीर को चांदनी में रखकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है; इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, जब लक्ष्मी पूजन और रात्रि जागरण होता है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन निशीथ (मध्यरात्रि मुहूर्त) में यह तिथि हो, उसी दिन मनाया जाता है। पूजा मुहूर्त यही है, इसलिए यह आधी रात के बाद भी पड़ सकता है।
कैसे मनाया जाता है
- चंद्र पूजा
- खीर बनाना
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: શરદ પૂનમ (गुजराती) · சரத் பூர்ணிமா (तमिल) · శరద్ పూర్ణిమ (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 16 पुरट्टासि 2059 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 16 आश्विन 1435 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 17 आश्विन 1436 (विलायती संवत)
- मलयालम: 16 कन्नि 1204 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
शरद पूर्णिमा 2028
Chandra/Lakshmi
- सोमवार, 2 अक्टूबर 2028दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: सोम, 2 अक्टू॰, 7:34 pm – मंगल, 3 अक्टू॰, 9:54 pm ISTपूजा मुहूर्त: सोम, 2 अक्टू॰, 11:14 pm – मंगल, 3 अक्टू॰, 12:02 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- शरद पूर्णिमा क्या है?
- आश्विन मास की पूर्णिमा, जिस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत बरसाता है, ऐसी मान्यता है। इस रात खीर को चांदनी में रखकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है; इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, जब लक्ष्मी पूजन और रात्रि जागरण होता है।
- शरद पूर्णिमा 2028 कब है?
- शरद पूर्णिमा सोमवार, 2 अक्टूबर 2028 को है।