शरद पूर्णिमा · 2027
तिथि: गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027
आश्विन मास की पूर्णिमा, जिस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत बरसाता है, ऐसी मान्यता है। इस रात खीर को चांदनी में रखकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है; इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, जब लक्ष्मी पूजन और रात्रि जागरण होता है।
श्रीनगर के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
श्रीनगर में जिस दिन निशीथ (मध्यरात्रि मुहूर्त) में यह तिथि हो, उसी दिन मनाया जाता है। पूजा मुहूर्त यही है, इसलिए यह आधी रात के बाद भी पड़ सकता है।
शरद पूर्णिमा 2027
Chandra/Lakshmi
- गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 14 अक्टू॰, 6:49 pm – शुक्र, 15 अक्टू॰, 7:17 pm ISTपूजा मुहूर्त: गुरु, 14 अक्टू॰, 11:53 pm – शुक्र, 15 अक्टू॰, 12:41 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- शरद पूर्णिमा क्या है?
- आश्विन मास की पूर्णिमा, जिस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत बरसाता है, ऐसी मान्यता है। इस रात खीर को चांदनी में रखकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है; इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, जब लक्ष्मी पूजन और रात्रि जागरण होता है।
- शरद पूर्णिमा 2027 कब है?
- शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है।