सरस्वती पूजा · 2027
तिथि: गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027
Major educational festival in Bengal where students worship Goddess Saraswati and their books, celebrated in schools and colleges.
Jepara के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
Jepara में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- पुस्तक पूजा
- सरस्वती पूजा
- पुष्पांजलि
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: সরস্বতী পূজা (बंगाली) · சரஸ்வதி பூஜை (तमिल) · సరస్వతి పూజ (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- माघ · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- माघ · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 28 तै 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 28 माघ 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 28 माघ 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 28 मकरम 1202 (कोल्लम संवत)
Jepara के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
सरस्वती पूजा 2027
Saraswati
- गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 11 फ़र॰, 4:35 am – शुक्र, 12 फ़र॰, 4:48 am GMT+7
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सरस्वती पूजा क्या है?
- Major educational festival in Bengal where students worship Goddess Saraswati and their books, celebrated in schools and colleges.
- सरस्वती पूजा 2027 कब है?
- सरस्वती पूजा गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 को है।