प्रबोधिनी एकादशी · 2025
तिथि: शनिवार, 1 नवंबर 2025
Day when Lord Vishnu awakens from cosmic sleep, ending the Chaturmas period. Also known as Devuthani Ekadashi.
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: पटना में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
- तुलसी विवाह
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: பிரபோதினி ஏகாதசி (तमिल) · ప్రబోధిని ఏకాదశి (तेलुगू) · देवउठनी एकादशी (मराठी)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- कार्तिक · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- कार्तिक · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 16 ऐप्पसि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 15 कार्तिक 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 16 कार्तिक 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 15 तुलाम 1201 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
प्रबोधिनी एकादशी 2025
Vishnu
- शनिवार, 1 नवंबर 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शनि, 1 नव॰, 9:12 am – रवि, 2 नव॰, 7:32 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): रवि, 2 नव॰, 12:56–2:53 pm ISTहरि वासर 12:56 pm तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।गौण एकादशी (वैकल्पिक): रविवार, 2 नवंबर 2025गृहस्थ (स्मार्त) पहले दिन व्रत रखते हैं। वैकल्पिक दिन संन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष की इच्छा रखने वालों के लिए है, और यही वैष्णव व्रत का दिन भी है।पारण (व्रत खोलने का समय): सोम, 3 नव॰, 5:58–8:12 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रबोधिनी एकादशी क्या है?
- Day when Lord Vishnu awakens from cosmic sleep, ending the Chaturmas period. Also known as Devuthani Ekadashi.
- प्रबोधिनी एकादशी 2025 कब है?
- प्रबोधिनी एकादशी शनिवार, 1 नवंबर 2025 को है।