प्रबोधिनी एकादशी · 2025
तिथि: रविवार, 2 नवंबर 2025
Day when Lord Vishnu awakens from cosmic sleep, ending the Chaturmas period. Also known as Devuthani Ekadashi.
Jepara के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: Jepara में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
- तुलसी विवाह
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: பிரபோதினி ஏகாதசி (तमिल) · ప్రబోధిని ఏకాదశి (तेलुगू) · देवउठनी एकादशी (मराठी)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- कार्तिक · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- कार्तिक · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 17 ऐप्पसि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 16 कार्तिक 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 17 कार्तिक 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 16 तुलाम 1201 (कोल्लम संवत)
Jepara के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
प्रबोधिनी एकादशी 2025
Vishnu
- रविवार, 2 नवंबर 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शनि, 1 नव॰, 10:42 am – रवि, 2 नव॰, 9:02 am GMT+7पारण (व्रत खोलने का समय): सोम, 3 नव॰, 5:10–6:37 am GMT+7द्वादशी (6:37 am तक) के भीतर, प्रातःकाल में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रबोधिनी एकादशी क्या है?
- Day when Lord Vishnu awakens from cosmic sleep, ending the Chaturmas period. Also known as Devuthani Ekadashi.
- प्रबोधिनी एकादशी 2025 कब है?
- प्रबोधिनी एकादशी रविवार, 2 नवंबर 2025 को है।