पापांकुशा एकादशी · 2024
तिथि: रविवार, 13 अक्टूबर 2024
Ekadashi that destroys all sins (Papa) like a hook (Ankusha), observed during Navaratri.
गोरखपुर के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: गोरखपुर में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
- पद्मनाभ पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: பாபங்குசா ஏகாதசி (तमिल) · పాపాంకుశ ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 27 पुरट्टासि 2055 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 27 आश्विन 1431 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 28 आश्विन 1432 (विलायती संवत)
- मलयालम: 27 कन्नि 1200 (कोल्लम संवत)
गोरखपुर के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
पापांकुशा एकादशी 2024
Vishnu
- रविवार, 13 अक्टूबर 2024दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: रवि, 13 अक्टू॰, 9:09 am – सोम, 14 अक्टू॰, 6:41 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): सोम, 14 अक्टू॰, 1:21–3:39 pm ISTहरि वासर 11:57 am तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।गौण एकादशी (वैकल्पिक): सोमवार, 14 अक्टूबर 2024गृहस्थ (स्मार्त) पहले दिन व्रत रखते हैं। वैकल्पिक दिन संन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष की इच्छा रखने वालों के लिए है, और यही वैष्णव व्रत का दिन भी है।पारण (व्रत खोलने का समय): मंगल, 15 अक्टू॰, 6:28–8:46 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पापांकुशा एकादशी क्या है?
- Ekadashi that destroys all sins (Papa) like a hook (Ankusha), observed during Navaratri.
- पापांकुशा एकादशी 2024 कब है?
- पापांकुशा एकादशी रविवार, 13 अक्टूबर 2024 को है।