पापमोचनी एकादशी · 2027
तिथि: शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027
Krishna Ekadashi of Chaitra, the last Ekadashi of the lunar year, observed to be released (mochana) from sin.
Jepara के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: Jepara में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: பாபமோசனி ஏகாதசி (तमिल) · పాపమోచని ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- फाल्गुन · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- चैत्र · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 19 पंगुनि 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 18 चैत्र 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 19 चैत्र 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 19 मीनम 1202 (कोल्लम संवत)
Jepara के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
पापमोचनी एकादशी 2027
Vishnu
- शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शुक्र, 2 अप्रैल, 2:15 am – शनि, 3 अप्रैल, 4:22 am GMT+7पारण (व्रत खोलने का समय): शनि, 3 अप्रैल, 12:52–3:17 pm GMT+7हरि वासर 10:46 am तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।वैष्णव एकादशी: शनिवार, 3 अप्रैल 2027वैष्णव परंपरा (इस्कॉन सहित) इस दिन व्रत रखती है।पारण (व्रत खोलने का समय): रवि, 4 अप्रैल, 5:39–5:57 am GMT+7
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पापमोचनी एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Chaitra, the last Ekadashi of the lunar year, observed to be released (mochana) from sin.
- पापमोचनी एकादशी 2027 कब है?
- पापमोचनी एकादशी शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 को है।