पापमोचनी एकादशी · 2025
तिथि: मंगलवार, 25 मार्च 2025
Krishna Ekadashi of Chaitra, the last Ekadashi of the lunar year, observed to be released (mochana) from sin.
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: पटना में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: பாபமோசனி ஏகாதசி (तमिल) · పాపమోచని ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- फाल्गुन · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- चैत्र · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 11 Panguni 2055 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 11 Choitro 1431 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 12 Chaitra 1432 (विलायती संवत)
- मलयालम: 11 Meenam 1200 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
पापमोचनी एकादशी 2025
Vishnu
- मंगलवार, 25 मार्च 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: मंगल, 25 मार्च, 5:05 am – बुध, 26 मार्च, 3:45 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): बुध, 26 मार्च, 1:08–3:36 pm ISTहरि वासर 9:15 am तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।वैष्णव एकादशी: बुधवार, 26 मार्च 2025वैष्णव परंपरा (इस्कॉन सहित) इस दिन व्रत रखती है।पारण (व्रत खोलने का समय): गुरु, 27 मार्च, 5:46–8:13 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पापमोचनी एकादशी क्या है?
- Krishna Ekadashi of Chaitra, the last Ekadashi of the lunar year, observed to be released (mochana) from sin.
- पापमोचनी एकादशी 2025 कब है?
- पापमोचनी एकादशी मंगलवार, 25 मार्च 2025 को है।