नवरात्रि · 2027
तिथि: गुरुवार, 30 सितंबर 2027 · 9 दिन का पर्व (30 सित॰ – 8 अक्टू॰)
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाला देवी दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का नौ रात्रियों का पर्व। पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) होती है और व्रत-जागरण के साथ महानवमी तथा विजयादशमी पर इसका समापन होता है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- दुर्गा पूजा
- गोलू (गुड़िया सजावट)
- गरबा
- डांडिया
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: நவராத்திரி (तमिल) · నవరాత్రి (तेलुगू) · ನವರಾತ್ರಿ (कन्नड़) · নবরাত্রি (बंगाली) · નવરાત્રિ (गुजराती)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 14 Purattasi 2058 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 13 Ashwin 1434 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 14 Aswina 1435 (विलायती संवत)
- मलयालम: 13 Kanni 1203 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
नवरात्रि 2027
Durga
- गुरुवार, 30 सितंबर 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 30 सित॰, 8:06 am – शुक्र, 1 अक्टू॰, 5:35 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- नवरात्रि क्या है?
- आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाला देवी दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का नौ रात्रियों का पर्व। पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) होती है और व्रत-जागरण के साथ महानवमी तथा विजयादशमी पर इसका समापन होता है।
- नवरात्रि 2027 कब है?
- नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को है।