मोक्षदा एकादशी · 2027
तिथि: गुरुवार, 9 दिसंबर 2027
Shukla Ekadashi of Margashirsha, believed to grant liberation (moksha) to ancestors; Gita Jayanti falls on the same day.
मेरठ के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
स्मार्त नियम: मेरठ में जिस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) और सूर्योदय दोनों समय एकादशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- विष्णु पूजा
- गीता पाठ
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: மோக்ஷதா ஏகாதசி (तमिल) · మోక్షద ఏకాదశి (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 23 Karthigai 2058 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 22 Ogrohayon 1434 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 23 Margashira 1435 (विलायती संवत)
- मलयालम: 23 Vrischikam 1203 (कोल्लम संवत)
मेरठ के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
मोक्षदा एकादशी 2027
Vishnu
- गुरुवार, 9 दिसंबर 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 9 दिस॰, 2:59 am – शुक्र, 10 दिस॰, 3:20 am ISTपारण (व्रत खोलने का समय): शुक्र, 10 दिस॰, 1:13–3:17 pm ISTहरि वासर 9:13 am तक है, प्रातःकाल के बाद भी, इसलिए मध्याह्न के बाद पारण करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मोक्षदा एकादशी क्या है?
- Shukla Ekadashi of Margashirsha, believed to grant liberation (moksha) to ancestors; Gita Jayanti falls on the same day.
- मोक्षदा एकादशी 2027 कब है?
- मोक्षदा एकादशी गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 को है।