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मकर संक्रांति · 2025

तिथि: मंगलवार, 14 जनवरी 2025

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण के आरंभ का पर्व। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तिल-गुड़ का दान और पतंग उड़ाने की परंपरा है; यह नई फसल के आगमन का उत्सव भी है।

गोरखपुर के लिए तिथियाँ और समय।

कैसे मनाया जाता है

  • तिल-गुड़ बांटना
  • पतंगबाज़ी
  • पवित्र स्नान

क्षेत्रीय पंचांग

अन्य नाम: பொங்கல் (तमिल) · మకర సంక్రాంతి (तेलुगू) · ಮಕರ ಸಂಕ್ರಾಂತಿ (कन्नड़) · মকর সংক্রান্তি (बंगाली) · ઉત્તરાયણ (गुजराती) · मकर संक्रांती (मराठी) · മകരസംക്രാന്തി (मलयालम) · ਮਾਘੀ (पंजाबी)

अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
पौष · कृष्ण पक्ष
पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
माघ · कृष्ण पक्ष
  • तमिल: 1 तै 2055 (तिरुवल्लुवर)
  • बंगाली: 30 पौष 1431 (बंगाब्द)
  • ओड़िया: 1 माघ 1432 (विलायती संवत)
  • मलयालम: 1 मकरम 1200 (कोल्लम संवत)

गोरखपुर के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।

मकर संक्रांति 2025
Surya

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मकर संक्रांति क्या है?
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण के आरंभ का पर्व। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तिल-गुड़ का दान और पतंग उड़ाने की परंपरा है; यह नई फसल के आगमन का उत्सव भी है।
मकर संक्रांति 2025 कब है?
मकर संक्रांति मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को है।