महालया अमावस्या · 2027
तिथि: गुरुवार, 30 सितंबर 2027
पितृ पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन — सर्वपितृ अमावस्या, जो नवरात्रि से ठीक पहले की अमावस्या को आती है। इस दिन सभी पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध किया जाता है; बंगाल में इसी दिन से देवी पक्ष का आरंभ माना जाता है।
Howrah के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
Howrah में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- पितृ तर्पण
- श्राद्ध
- दान
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: মহালয়া (बंगाली) · மஹாளய அமாவாசை (तमिल) · మహాళయ అమావాస్య (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आश्विन · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 14 Purattasi 2058 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 13 Ashwin 1434 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 14 Aswina 1435 (विलायती संवत)
- मलयालम: 13 Kanni 1203 (कोल्लम संवत)
Howrah के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
महालया अमावस्या 2027
Pitrs
- गुरुवार, 30 सितंबर 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: बुध, 29 सित॰, 10:55 am – गुरु, 30 सित॰, 8:06 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- महालया अमावस्या क्या है?
- पितृ पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन — सर्वपितृ अमावस्या, जो नवरात्रि से ठीक पहले की अमावस्या को आती है। इस दिन सभी पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध किया जाता है; बंगाल में इसी दिन से देवी पक्ष का आरंभ माना जाता है।
- महालया अमावस्या 2027 कब है?
- महालया अमावस्या गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को है।