महालया अमावस्या · 2026
तिथि: शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
पितृ पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन — सर्वपितृ अमावस्या, जो नवरात्रि से ठीक पहले की अमावस्या को आती है। इस दिन सभी पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध किया जाता है; बंगाल में इसी दिन से देवी पक्ष का आरंभ माना जाता है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- पितृ तर्पण
- श्राद्ध
- दान
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: মহালয়া (बंगाली) · மஹாளய அமாவாசை (तमिल) · మహాళయ అమావాస్య (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आश्विन · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 24 पुरट्टासि 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 23 आश्विन 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 24 आश्विन 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 24 कन्नि 1202 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
महालया अमावस्या 2026
Pitrs
- शनिवार, 10 अक्टूबर 2026दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शुक्र, 9 अक्टू॰, 9:36 pm – शनि, 10 अक्टू॰, 9:20 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- महालया अमावस्या क्या है?
- पितृ पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन — सर्वपितृ अमावस्या, जो नवरात्रि से ठीक पहले की अमावस्या को आती है। इस दिन सभी पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध किया जाता है; बंगाल में इसी दिन से देवी पक्ष का आरंभ माना जाता है।
- महालया अमावस्या 2026 कब है?
- महालया अमावस्या शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को है।