काली पूजा · 2025
तिथि: सोमवार, 20 अक्टूबर 2025
Worship of Goddess Kali on the new moon night, coinciding with Diwali, especially popular in Bengal.
गोरखपुर के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
गोरखपुर में जिस दिन निशीथ (मध्यरात्रि मुहूर्त) में यह तिथि हो, उसी दिन मनाया जाता है। पूजा मुहूर्त यही है, इसलिए यह आधी रात के बाद भी पड़ सकता है।
कैसे मनाया जाता है
- काली पूजा
- तांत्रिक अनुष्ठान
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: কালী পূজা (बंगाली) · காளி பூஜை (तमिल) · కాళీ పూజ (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आश्विन · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- कार्तिक · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 4 ऐप्पसि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 3 कार्तिक 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 4 कार्तिक 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 3 तुलाम 1201 (कोल्लम संवत)
गोरखपुर के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
काली पूजा 2025
Kali
- सोमवार, 20 अक्टूबर 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: सोम, 20 अक्टू॰, 3:45 pm – मंगल, 21 अक्टू॰, 5:55 pm ISTपूजा मुहूर्त: सोम, 20 अक्टू॰, 11:48 pm – मंगल, 21 अक्टू॰, 12:36 am IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- काली पूजा क्या है?
- Worship of Goddess Kali on the new moon night, coinciding with Diwali, especially popular in Bengal.
- काली पूजा 2025 कब है?
- काली पूजा सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को है।