जन्माष्टमी · 2025
तिथि: शनिवार, 16 अगस्त 2025
विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जो भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है। भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल का अभिषेक कर जन्मोत्सव मनाते हैं; कई क्षेत्रों में दही-हांडी का आयोजन भी होता है।
Gwangju के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
Gwangju में जिस दिन निशीथ (मध्यरात्रि मुहूर्त) में यह तिथि हो, उसी दिन मनाया जाता है। पूजा मुहूर्त यही है, इसलिए यह आधी रात के बाद भी पड़ सकता है।
कैसे मनाया जाता है
- कृष्ण पूजा
- मध्यरात्रि उत्सव
- दही हांडी
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: ஸ்ரீ கிருஷ்ண ஜயந்தி (तमिल) · కృష్ణాష్టమి (तेलुगू) · ಕೃಷ್ಣ ಜನ್ಮಾಷ್ಟಮಿ (कन्नड़) · জন্মাষ্টমী (बंगाली) · അഷ്ടമി രോഹിണി (मलयालम)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- श्रावण · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 31 आडि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 31 श्रावण 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 32 श्रावण 1432 (विलायती संवत)
- मलयालम: 31 कर्किडकम 1200 (कोल्लम संवत)
Gwangju के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
जन्माष्टमी 2025
Krishna
- शनिवार, 16 अगस्त 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: शनि, 16 अग॰, 3:20 am – रवि, 17 अग॰, 1:05 am GMT+9पूजा मुहूर्त: रवि, 17 अग॰, 12:12–1:00 am GMT+9पारण (व्रत खोलने का समय): रवि, 17 अग॰, 5:53 am के बादअष्टमी और रोहिणी दोनों समाप्त होने के बाद (धर्मशास्त्र)।
- प्रचलित परंपरा में पारण: रवि, 17 अग॰, 1:00 am के बाद
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- जन्माष्टमी क्या है?
- विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जो भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है। भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल का अभिषेक कर जन्मोत्सव मनाते हैं; कई क्षेत्रों में दही-हांडी का आयोजन भी होता है।
- जन्माष्टमी 2025 कब है?
- जन्माष्टमी शनिवार, 16 अगस्त 2025 को है।